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Wednesday, October 14, 2009

गांधी के बहाने

1.
एक दिन स्वर्ग में
गांधी की रावण से
भेंट हो गई
रावण ने कहा
हे बाबा
अगर तू त्रेता में आता
उसी समय
लोकतंत्र लाता
तो वोट जुटाने में
राम की बुद्धि
खप्त हो जाती
उसकी जमानत
जब्त हो जाती
क्योंकि
साधु वोट देने जाता नहीं
बानरों का वोट
बेकार होता
स्वर्ग तक
सोने की सीढ़ी
बनवाने का
फिर मेरा सपना
साकार होता
और बदले में
तुमको
राष्ट्रपिता क्या
विश्वपिता बनाया होता
हे बाबा
तू त्रेता में आया होता।
2.
संसद का नया सत्र
पाया महात्मा गांधी का पत्र
पूछते हैं
मेरे बेटे कैसे हैं
सब मेरी तरह हैं
या कुछ
गोड्से जैसे हैं
संसद ने दिया जवाब
महात्मा जी
आप होते तो हो जाते
लाजवाब
आंकड़ों में यह देश
विकास कर रहा है
और आम आदमी
आज भी
आप की तरह
उपवास कर रहा है
और आधुनिक महिलाएं
एक मामले में
पूरी तरह से
आपके रास्ते पर
चल रही हैं
कम से कम
कपड़े पहन रही हैं
महात्मा जी
इधर कुछ
परिवर्तन के
फूल भी खिले हैं
थानेदार कवि सम्मेलनों में
और सांसद
कोठों पर मिले हैं
महात्मा जी
बुरा मत मानियेगा
आजकल
आपके यहां से
हमारे उत्तर
मीडिया में
लीक हो जा रहे हैं
इस वजह से
गड़े मुर्दे
जिंदा हो जाते हैं
और हम
दुनिया के समक्ष
शर्मिंदा हो जाते हैं
महात्मा जी
इसे रोकिए
नहीं तो हमलोगों को
प्रेस कान्फ्रेंस में
जूते की जगह
बुलेट खाना होगा
संसद छोड़कर
आपके पास आना होगा।