Thursday, October 22, 2009

चरित्रहीन ओलम्पिक

आवश्‍यकता है
कुछ चरित्रहीनों की
जो चरित्रहीन ओलम्पिक में
भारत को
गोल्ड मेडल
दिलवा सकें
देश का गौरव
बढ़ा सकें
का अखबारों में
विज्ञापन
पढ़कर
मैंने
गांव के
प्रधान से कहा
आप अगर
किस्मत आजमाएंगे
गोल्ड मेडल
जरूर पाएंगे
प्रधान जी रोने लगे
बोले
हम इस मामले में भी
बड़े अभागे हैं
विधायक जी
हमसे सौ कदम
आगे हैं
और सांसद का
क्या पूछना है
वो तो वैसे ही
विधायक का
पांच गुना है
मंत्री
कुछ और
ज्‍यादा होगा
उसके ऊपर
बोफोर्स का
दादा होगा
मगर
ये तमाम लोग
मिलकर भी
चरित्रहीन ओलम्पिक में
जाएंगे
तो गोल्ड मेडल
नहीं पाएंगे
क्‍योंकि
ओलम्पिक
कोई दंगा नहीं है
कि जब चाहा
करा दिया
ओलम्पिक खेल है
और खेल के लिए
कड़ी मेहनत
जरूरी है
मैं जानता हूं
इस देश में
कड़ी मेहनत
केवल अधिकारी
कर सकता है
ये अधिकारी
अगर चरित्रहीन
ओलम्पिक में जाएंगे
गोल्ड मेडल
जरूर पाएंगे
लेकिन
एक शर्त है
चरित्रहीन ओलम्पिक में
कोई व्‍यापारी
नहीं शामिल हो
नहीं तो
इन अधिकारियों का
ईमान डिग जाएगा
गोल्ड मेडल
चंद डालरों में
बिक जाएगा
प्रधान जी रोने लगे
बोले
कवि जी
इस मामले में भी
हम लोगों को
केवल पछताना है
गोल्ड मेडल
नहीं पाना है
मैंने कहा
पा सकते हो
और पाना है तो
चरित्रहीन ओलम्पिक में
चरित्रवान भेजो
बंटवारे से पहले का
हिन्‍दुस्‍तान भेजो
मेरा दावा है
तू फिर
दुनिया में
छा जाएगा
गोल्ड मेडल
पा जाएगा।

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