Sunday, October 18, 2009

एक दीप अपना भी

खुशियों की वर्षा हो,
दामन में आपके।
एक दीप अपना भी,
आंगन में आपके।
भादों मनभावन हो।
जेठ भी लुभावन हो।
फांगुन सी खुशियां हों,
सावन में आपके।
एक दीप अपना भी,
आंगन में आपके।
अमृत की हाला हो,
मोती की माला हो,
हीरे जड़े जाएं,
छाजन में आपके।
एक दीप अपना भी,
आंगन में आपके।
नयनन में नेह रहे।
मुझ पर भी स्नेह रहे।
समृद्धि वास करे,
कानन में आपके।
एक दीप अपना भी,
आंगन में आपके।
-धीरु

0 comments: